इंडस्ट्रियल और ऑक्यूपेशनल फिजियोथेरेपी
काम पर अपने शरीर की रक्षा और पूरी क्षमता पर वापसी।
यह पेज केवल सामान्य जानकारी के लिए है, चिकित्सकीय सलाह नहीं। हमेशा योग्य फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें।
इस इलाज में क्या-क्या शामिल है
इंडस्ट्रियल फिजियोथेरेपी (जिसे ऑक्यूपेशनल या एर्गोनॉमिक फिजियोथेरेपी भी कहते हैं) उन चोटों पर केंद्रित है जो काम पर लगती हैं, या जो आपके काम करने के तरीके से बढ़ती हैं। इसमें आपके वर्कस्टेशन की जांच, बार-बार खिंचाव, कमर दर्द और कंधे की समस्याओं का इलाज, और ऐसे प्रोग्राम बनाना शामिल है जो आपको सुरक्षित रूप से काम पर लौटाएँ। इसमें नौकरी से पहले की जांच और वर्कसाइट जोखिम आकलन भी आते हैं।
किन समस्याओं का इलाज होता है
फिजियोथेरेपिस्ट से कब मिलें
- काम के दौरान या बाद में बढ़ने वाला दर्द
- हाथ या बाँह में सुन्नपन या झनझनाहट
- गर्दन या कमर में अकड़न जो हरकत से कम हो
- पकड़ने या उठाने पर कमज़ोरी
- टाइपिंग या सिर के ऊपर पहुँचने जैसे कामों में दर्द
- स्क्रीन पर समय से जुड़ा सिरदर्द
इलाज कैसे होता है
- एर्गोनॉमिक वर्कस्टेशन जांच और सुधार
- काम पर वापसी की रिहैब योजना
- रिपिटेटिव स्ट्रेन और ओवरयूज़ चोट का इलाज
- मैनुअल हैंडलिंग ट्रेनिंग और तकनीक सुधार
- घायल हिस्से के लिए क्रमिक मज़बूती
- पॉश्चर सुधार और हरकत की दोबारा शिक्षा
- नौकरी से पहले और कार्यक्षमता की जांच
मशीनें और उपकरण
संबंधित सर्टिफिकेशन
बेहतर रिकवरी कैसी दिखती है
काम पर दोबारा चोट का खतरा कम
पूरे काम पर तेज़, सुरक्षित वापसी
कम छुट्टियाँ और बेहतर उत्पादकता
लंबे समय की सही पॉश्चर और हरकत की आदतें
इस समस्या के लिए फिजियोथेरेपिस्ट खोजें।
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